पिछला भाग पढ़े:- बहनों के लेस्बियन सेक्स को बनाया थ्रीसम सेक्स-1
नमस्कार दोस्तों, मैं Thor अपनी लेस्बियन सेक्स स्टोरी का अगला पार्ट लेके आया हूं। उम्मीद है आप सब ने मेरी कहानी का पिछला पार्ट पढ़ लिया होगा। अगर नहीं पढ़ा है, तो उसको ज़रूर पढ़े।
पिछले पार्ट में आपने पढ़ा कि कार्तिक नाम का लड़का अपनी चचेरी बहन लतिका को बहुत पसंद करता था। फिर वो एक दिन उसके घर रहने आई, और रात में उसकी सगी बहन शिक्षा के कमरे में सोने लगी। कार्तिक से रहा नहीं गया, तो वो रात को अपनी बहन के कमरे में खिड़की के झांकने चला गया, ताकि वो लतिका को देख पाए। लेकिन वहां पर तो दोनों बहने आपस में ही लगी हुई थी। पहले शिक्षा लतिका की चूत का पानी निकालती है, और अब लतिका की बारी थी। चलिए आगे बढ़ते है कार्तिक की जुबानी-
अब शिक्षा और लतिका दोनों बिस्तर पर थे। दोनों पूरे नंगे थे। शिक्षा लतिका के सामने खड़ी थी, और लतिका उसके सामने घुटनों पर बैठी हुई थी। शिक्षा की चूत बिल्कुल लतिका के चेहरे के सामने थी।
फिर लतिका ने अपने दोनों हाथ शिक्षा की जांघों पर रखे, और अपना मुंह उसकी चिकनी चूत में घुसा दिया। उसके ऐसा करते ही शिक्षा की आँखें बंद हो गई, और उसके मुंह से आह निकल गई। अब लतिका शिक्षा की चूत को चाटने लग गई, और शिक्षा मदहोशी भरी आह आह की आवाजें निकालने लगी। लतिका बड़े मजे से शिक्षा की चूत चूस रही थी।
फिर शिक्षा ने लतिका के सिर पर हाथ रखा, और उसको अपनी चूत पर दबाते हुए बोली-
शिक्षा: आह रंडी चूस, ज़रा जोर से चूस। हां ऐसे ही चूस। मजा आ रहा है साली छिनाल। जैसे मैंने बताया था, तू बिल्कुल वैसे ही चूस रही है। अच्छी स्टूडेंट है तो। आह चूस ना जोर से चूस कुतिया।
ये सब कहते हुए शिक्षा ने लतिका के चेहरे को जोर से अपनी चूत में दबा दिया। इससे लतिका को सांस लेने में दिक्कत होने लगी, और वो शिक्षा की गांड पर हाथ मारने लगी, ताकि वो उसके मुंह को छोड़ दे। फिर जब वो ज्यादा तड़पने लगी, तो शिक्षा ने लतिका का मुंह छोड़ दिया।
लतिका: आह आह ओह आह साली रंडी, तूने तो जान ही निकाल दी थी आज मेरी आह।
शिक्षा: अपनी छिनाल की जान इतनी आसानी से थोड़ी ही निकलने दूंगी मैं।
लतिका: वैसे आज चूत का पानी बड़ा स्वाद लग रहा है, क्या बात है?
शिक्षा: तड़पती चूत का पानी स्वाद ही होता है। चल अब बकवास बंद कर, और चूस रंडी मेरी चूत को।
फिर लतिका दोबारा से शिक्षा की चूत पर अपना मुंह लगा देती है। लतिका अपना हाथ शिक्षा की चूत पर रखती है, और उसकी चूत की फांकों में अपनी उंगली रगड़ने लगती है। इससे शिक्षा और और मजा आने लगता है। फिर वो अपनी 2 उंगलियों से शिक्षा की चूत के दाने को मसलती है, जिससे शिक्षा के मुंह से उम्ममम की आवाज निकलती है। उनकी कामुक सिसकियां सुन कर मेरा लंड काबू से बाहर हो रहा होता है।
फिर लतिका अपने हाथ की दूसरी उंगली को शिक्षा की चूत में डालती है, और अंदर-बाहर करने लगती है। शिक्षा की चूत गीली थी, तो उंगली आराम से अंदर-बाहर होने लगती है। शिक्षा आह आह करते हुए, अपनी गांड आगे-पीछे करते हुए, अपनी चूत लतिका की उंगली से चुदवाती है। कुछ देर ऐसा ही चलता है। फिर शिक्षा जोर की आहें भरते हुए लतिका से कहती है-
शिक्षा: आह रंडी, आह मेरा निकलने वाला है आह। ओह रंडी तेज कर आह।
लतिका अपनी उंगली अब तेजी से अंदर-बाहर करने लगती है, और जैसे ही शिक्षा की चूत का पानी निकलने वाला था, वो उसकी चूत पर अपना मुंह लगा लेती है। शिक्षा की चूत से निकलने वाले सारे पानी को लतिका मजे से पी जाती है।
चूत का पानी निकलते ही शिक्षा बिस्तर पर थक कर लेट जाती है। वो सीधी लेटी होती है, और उसकी टांगें खुली होती है। उसकी चूत अभी भी पानी छोड़ रही थी, तो लतिका उसकी चूत को चाट कर साफ करने लगती है। चूत एक-दम साफ करने के बाद लतिका भी शिक्षा के साथ लेट जाती है। फिर दोनों एक-दूसरे की तरफ देखती है, और मुस्कुराने लगती है। दोनों के चेहरे के भाव देख कर साफ पता चल रहा था कि दोनों को बहुत मजा आया। मुझे लगा बस यहां पर उनका सेक्स खत्म हो गया था, लेकिन ऐसा नहीं था।
कुछ देर लेटने के बाद शिक्षा दोबारा से लतिका के होंठ चूसने लगती है। दोनों पागलों की तरह एक-दूसरे के होंठ चूसती है, और पूरे बिस्तर पर इधर-उधर घूम रही होती है। कुछ देर की किसिंग के बाद शिक्षा बिस्तर से उठती है, और सामने पड़ी अलमारी की तरफ जाती है। वो अलमारी का दरवाजा खोलती है, और वहां से कुछ निकालती है।
वो चीज कुछ और नहीं बल्कि एक डिल्डो था, जो शायद 5 या 6 इंच का था। फिर शिक्षा अलमारी से एक बेल्ट सी निकलती है, और उस डिल्डो को उस बेल्ट पर फिट कर देती है, बिल्कुल चूत वाली जगह पर। अब ऐसा लग रहा था, जैसे शिक्षा की चूत नहीं लंड हो।
फिर शिक्षा लतिका की तरफ मुस्कुराती हुई बढ़ती है। लतिका भी बिस्तर पर लेटी हुई मुस्कुरा रही होती है। फिर शिक्षा उसकी टांगों के बीच आती है, और उस डिल्डो को हाथ में लेके लतिका की चूत पर रगड़ने लगती है। लतिका के मुंह से आहें निकालने लगती है। उसकी कमर लंड की रगड़ की वजह से अपने आप ही ऊपर-नीचे होने लगती है।
फिर शिक्षा लंड को चूत के मुंह पर रखती है, और अंदर धकेलने लगती है। देखते ही देखते पूरा डिल्डो लतिका की चूत में समा जाता है। उसके मुंह से आहें निकालने लगती है, और शिक्षा उसके चूचे दबाते हुए उसकी चूत चुदाई करने लगती है। लतिका की चूत में डिल्डो अंदर-बाहर होते देख मेरी गांड जल रही थी। मुझे लगता है कि जिस चूत में मेरा लंड होना चाहिए था, उसके मजे उस नकली लंड को मिल रहे थे।
मेरी बहन गांड मटका-मटका कर लतिका की चुदाई कर रही थी। दोनों पागलों की तरह एक-दूसरे के होंठ चूस रही थी, और चूचों को भी चूस और मसल रही थी। फिर लतिका ने आह आह करते हुए शिक्षा की गांड पर हाथ रखे, और उसकी स्पीड बढ़वाने लगी। उसके बाद वो आह आह करती हुई झड़ गई।
इसके आगे क्या हुआ वो आपको इस सेक्सी कहानी के अगले पार्ट में पढ़ने को मिलेगा। कहानी की फीडबैक [email protected] पर दें।