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लंड की दीवानी मीना (Lund Ki Deewani Meena)

दोस्तों हमारी सोसाइटी में एक बहुत ही खूबसूरत लड़की थी, जो बिहार की रहने वाली थी। क्या गजब मस्त फिगर था। उसका नाम मीना था।

वो सुबह पार्क में जॉगिंग करने आती थी। एक बार मैं और रिया पार्क में टहल रहे थे, तो उसने हमें नमस्ते किया। वो रिया से कुछ बाते करने लगी, और मैं एक बेंच पर जा कर बैठ गया।

पांच मिनट बाद रिया मेरे पास आई और चलने के लिए बोला। हम दोनों बात करते हुए घर की तरफ चल दिए। रिया ने बताया मीना अभी कुछ दिन पहले ही हमारी सोसाइटी में रहने के लिए आई थी‌। वो कुछ कपड़े बनवाने के लिए बुटीक में आई थी। बड़ी ही गजब की चॉइस वाली लड़की थी।

उसी दिन शाम को मीना हमारे घर पर आई। मैंने कैप्री और ऊपर एक स्लीवलेस बनियान डाली हुई थी। अभी रिया बुटीक से आई नहीं थी।

वो आकर बोली: सर मैडम नहीं आई है क्या?

मैं बोला: नहीं, अभी तो नहीं।

उसने रिया को फोन लगाया और बोली: मैडम आप घर कब तक आएंगी?

रिया बोली: अभी थोड़ी देर लगेगी। मैं आपके कपड़े साथ ही ला रही हूं।

मैं मीना को बोला: आप बैठिए, रिया अभी आती ही होगी।

उसने एक टाइट शॉर्ट्स और स्लीवलेस टॉप डाल रखा था। गजब की चलती फिरती हुस्न की दुकान लग रही थी। मेरा तो लंड बेकाबू हो गया और कैप्री में ही तन गया। मीना की निगाहे मेरे लंड पर ही थी। लेकिन वो अपनी नज़रें झुकाए रही, और ऐसे दिखा रही थी जैसे उसने कुछ नहीं देखा।

मैंने उसे बैठने के लिए कहा तो वो बैठ गई। मैं उसके लिए पानी ले कर आया। उसने ग्लास ले लिया और थैंक्स बोली।

मैं बोला: आप यहां अकेले रहती है क्या?

वो बोली: हां मेरी अभी एक कंपनी में जॉब लगी है। पटना से यहां शिफ्ट हुई हूं। मेरे पति का पटना में ही हार्डवेयर का बिजनेस है।

वो मुझे देख कर कुछ नर्वस हो रही थी।

मैं बोला: आप आराम से बैठिए और शर्माए नहीं। उसकी नज़रों में कुछ हवस सी दिखाई दे रही थी। वो बार-बार मेरे लंड की तरफ और मेरे बॉडी को देखे जा रही थी। मैं उसकी आंखों से उसके मन की बात को कुछ समझ गया था।

वो बोली: आपकी गजब की पर्सनेलिटी है। मैंने जब से आपको देखा है, आप जैसा आदमी पाने की तमन्ना है।

उसकी ये बात सुन कर मेरा तो मन ही मचल गया। मैंने खुद जब से उसे देखा था उसे चोदने की चाहत होने लगी थी। अब वो भी थोड़ा खुल गई थी। मैं उसके पास जा कर बैठ गया, और उसकी नंगी टांगों को निहारने लगा।

मैं बोला: तो आप मुझे पा लीजिए। मैंने कब मना किया है।

वो बोली: क्या ऐसा हो सकता है?

मैं बोला: क्यों नहीं। आप जैसी बला को कौन छोड़ना चाहेगा?

इतना बोल कर मैंने अपना हाथ उसकी जांघों पर रख दिया। उसने भी अपना हाथ मेरे हाथ पर रख लिया। तभी रिया का फोन आ गया।

वो बोली: अरुण हमारे घर पर वो जो पार्क में मीना मिली थी आएगी, उसे बोल देना उसके कपड़े सुबह उसके घर पर ही दे देंगे। मुझे अभी करीब दो घंटे और लग जाएंगे। एक ग्राहक आ गए, उनके घर में शादी है। मैं मास्टर जी के साथ वहां जा रही हूं। खाना बाहर से मंगा लेना, मैं तो उन्हीं के यहां खाकर आऊंगी।

उससे इतनी बात होने के बाद मेरा तो मन ही चहक गया।

मैं मीना को बोला: रिया को तो अभी आने में लेट होगा। आज मैं आपकी मुझे पाने की चाहत पूरी कर देता हूं।

मेरे इतना बोलते ही जैसे वो इसी इंतेज़ार में थी। वो मुझ पर भूखी शेरनी की तरह टूट पड़ी, और वहीं सोफे पर मेरे लंड से खेलने लगी। मैंने भी उसकी शॉर्ट में एक हाथ डाल दिया, और उसकी गांड को दबाने लगा। वो मेरे लौड़े से खेले जा रही थी।

वो बोली: क्या मस्त लौड़ा है आपका मजा आ गया इसको लेकर।

वो मेरे लौड़े को चूसने लगी कभी ऊपर से नीचे और कभी नीचे से ऊपर। क्या एहसास था, मानों मैं जन्नत में पहुंच गया था। मैंने भी उसकी शॉर्ट उतार दी। उसकी चूत एक-दम छोटी सी क्लीन शेव की हुई और एक-दम गुलाबी थी। उसे देख कर मेरा जोश डबल हो गया। मैंने उसे उठाया, और अपने बेडरूम में ले गया। वो मुझे चाटे जा रही थी।

वो बोली: सर आज मेरी बहुत दिनों से बाकी रही तमन्ना पूरी कर दीजिए। मैं तो आपके इतने बड़े लौड़े की दीवानी हो गई हूं।

मैंने उसका टॉप भी उतार दिया, और उसके 30″ साइज के बूब्स को रगड़ने लगा। वो बुरी तरह से उछलने लगी। उसकी चूत मे आग लगी हुई थी। तभी मैंने उसे सीधा बेड पर लिटाया, और उसकी दोनों टांगे खोल कर चूत के दोनों लिप्स अलग किए। अंदर से भी उसकी चूत एक-दम गुलाबी थी। उसका छेद बहुत छोटा सा था, किसी कुंवारी लड़की की तरह।

मैंने अपने लौड़े को उसके छेद पर लगाया, और जोर से एक शॉट मार दिया। मेरा आधा लौड़ा उसकी चूत मे चला गया। वो जोर से चिल्ला उठी। मैं थोड़ा रुक गया। उसे बहुत दर्द हो रहा था, पर वो तो लंड की भूखी थी बोली पूरा अन्दर डाल कर फाड़ दो मेरी चूत को।

मैंने भी बिना देर किए पूरा जोर लगा कर लौड़े को चूत की गहराई में डाल दिया, और उसे चोदने लगा। कुछ देर बाद तो मीना ने मुझे कड़ा पकड़ कर, अपनी गांड को ऊपर उठा कर मेरा भरपूर साथ दिया। करीब दस मिनट में मैंने अपना सारा वीर्य उसकी चूत में ही छोड़ दिया, और उस पर ही लेटा रहा। वो भी मुझे पकड़े रही।

अब हम ऐसे ही बेड पर लेट गए बिल्कुल नंगे। मीना की भूख अभी तक शांत नहीं हुई थी। वो वापस मेरे लंड को चूसने लगी, और उसने लंड को फिर से खड़ा कर लिया।

इस बार वो बोली: आप मुझे घोड़ी बना कर और चोद दीजिए। मैंने सुना है इसमें भी बड़ा मजा आता है।

मैंने उसे अपने बैड के पास घोड़ी बनाया, और जम कर चोद दिया। इस बार मुझे वीर्य छोड़ने में बीस मिनट लगे। इन सब में करीब एक घंटा निकल गया। अब हमने अपने कपड़े पहने और सोफे पर बैठ गए।

मैं बोला: खाना मंगा लेते है

वो बोली: सर जिस चीज की भूख थी आपने खिला दी है। खाना घर पर बना रखा है। मैं जा कर खा लूंगी।

बाद में भी जब भी मौका मिलता था मैं मीना को चोद देता था। ज्यादातर वो मुझे अपने घर पर बुला लेती थी। वहां वो अकेले रहती थी तो वो सब खुल कर कर सकती थी। एक बार हमें सेक्स करते हुए उसकी मेड ने हमें देख लिया था। तो मुझे उसके सामने ही उसकी मेड को भी चोदना पड़ा। वो भी थोड़ी सांवली जरूर है, लेकिन गजब की लड़की है।

एक दो बार तो मैंने दोनों को एक साथ चोदा है। दोनों ही गजब की सेक्स की भूखी है। मेरे जैसे आदमी को भी निचोड़ कर रख देती है।

दोस्तों मेरी ये चुदाई कहानी आपको कैसी लगी बताना जरूर।

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