पिछला भाग पढ़े:- बहनों के लेस्बियन सेक्स को बनाया थ्रीसम सेक्स-3
नमस्कार दोस्तों, मैं Thor अपनी हिंदी सेक्स स्टोरी का अगला पार्ट लेके आया हूं। उम्मीद है आप सब ने मेरी कहानी, का पिछला पार्ट पढ़ लिया होगा। अगर नहीं पढ़ा है, तो उसको ज़रूर पढ़े।
पिछले पार्ट में आपने पढ़ा कि कार्तिक जान बूझ कर अपनी चचेरी बहन लतिका को इधर-उधर हाथ लगाता है। फिर इसी सिलसिले में जब शिक्षा कार्तिक को बात करने बुलाती है, तो कार्तिक उनको बता देता है कि वो सब जानता था उनके बारे में। फिर कार्तिक उनको उसके साथ सेक्स करने के लिए मना लेता है। अब आगे की कहानी कार्तिक की जुबानी-
रात को सब लोग डिनर कर चुके थे, और फिर सब अपने-अपने कमरे में चले गए। मैं बस 10 बजने का इंतेज़ार कर रहा था। फिर कुछ देर और इंतेज़ार करने के बाद 10 बज गए। मैं झट से अपने कमरे से धीरे से बाहर निकला, और शिक्षा के कमरे की तरफ चला गया। उसके कमरे का दरवाजा खुला था, तो मैं अंदर गया, और दरवाजा बंद कर लिया।
फिर जैसे ही मैंने बिस्तर की तरफ देखा, तो मेरा मुंह खुला का खुला रह गया। मेरी दो बहने शॉर्ट्स और टी-शर्ट पहन कर टांगें फैलाए बेड पर बैठी हुई थी। दोनों में एक ही रंग की शॉर्ट्स पहनी थी, और एक ही रंग की टी-शर्ट पहनी थी। उनकी शॉर्ट्स पिंक रंग की थी, और टी-शर्ट सफेद रंग की। ऐसा लग रहा था जैसे वो खुद भी मेरे साथ सेक्स करने को लेके एक्साइटेड थी।
जब मैं बिस्तर की तरफ बढ़ने लगा, तो दोनों मुस्कुराने लगी। फिर लतिका बिस्तर से खड़ी हुई, और मेरे पास आ गई। वो मेरे बिल्कुल करीब आ गई। अब हम दोनों की सांसे आपस में टकरा रही थी। उसकी सांस को महसूस करके मेरा तो लंड खड़ा हो गया।
उसने बिना कुछ बोले अपने होंठ मेरे होंठों के साथ चिपका दिए। उसका ये सरप्राइस किस्स मुझे बहुत अच्छा लगा। मैंने भी उसको अपनी बाहों में भर लिया, और किस्स में उसका साथ देने लगा। जिन रसीले होंठों को चूसने का ख्वाब मैं पता नहीं कब से देख रहा था, उन होंठों का रस पी कर आज मुझे बहुत सुकून मिल रहा था।
मैं किस्स करते हुए उसकी पीठ पर अपना हाथ फेरने लगा। क्या हिरणी जैसा कोमल बदन था उसका, जिस पर हाथ फेरते ही मेरी उत्तेजना दस गुना बढ़ गई। पीठ पर हाथ फेरते हुए मैं हाथ उसकी गांड पर ले गया। उसकी शॉर्ट्स गांड से थोड़ी ही नीचे थी, तो गांड से थोड़ा नीचे हाथ ले जा कर मुझे उसकी नंगी जांघों का फील आया।
मैं तो इतने सब में ही जन्नत में पहुंच गया। तभी मुझे शिक्षा का ध्यान आया। मैंने हमारी किस्स तोड़ी, और पीछे बिस्तर पर बैठी शिक्षा को देख। मेरी सगी बहन, जिसको मैंने कभी भी गलत नज़र से नहीं देखा था, आज मेरी नज़र में एक रंडी बन चुकी थी। मैंने उसको मेरे पास आने का इशारा किया, तो वो बेड से खड़ी हो कर मेरे पास आ गई। फिर मैंने उसको अपनी दूसरी बाजू में लिया, और उसके होंठ भी चूसने लगा।
दोस्तों लतिका के होंठ चूस कर तो मुझे मजा आया ही। लेकिन अपनी सगी बहन के होंठों के रस कर कोई मुकाबला नहीं। मैं शिक्षा के होंठ चूसता रहा, और उसकी गांड मसलता रहा। फिर मैंने लतिका को इशारा किया कि वो मेरा लंड चूसे। अब मैं और शिक्षा खड़े हो कर रोमांस कर रहे थे, और लतिका ने नीचे बैठ कर मेरा लंड बाहर निकाल लिया। वो मेरा लंड चाटने लगी, और मैं खड़े रह कर शिक्षा को चूसता रहा।
कुछ देर तक ऐसे ही चलता रहा। फिर मैंने दोनों को अपने कपड़े उतारने को कहा। वो दोनों नंगी हो गई, और मैं भी पूरा नंगा हो गया। क्या मस्त बदन थे दोनों के। मैंने दोनों को बिस्तर पर लिटाया, और खुद दोनों के बीच लेट गया। अब मैं फिर से लतिका को चूसने लगा, और शिक्षा को अपना लंड चुसवाने लगा।
लतिका फिर मेरे ऊपर आई, और अपनी चूत मेरे मुंह पर रख कर बैठ गई। मैं उसकी चूत चूसने लगा, और दोनों हाथों में उसके चूचे लेके दबाने लगा। वो गांड हिला-हिला कर अपनी चिकनी चूत चुसवा रही थी, और मैं उसके निप्पल जोर-जोर से खींच रहा था।
नीचे कुछ देर मेरा लंड चूसने के बाद शिक्षा मेरे लंड पर आई, और चूत पर सेट करके उस पर बैठ गयी। आह! ऐसी ही सिसकी मेरे मुंह से निकली जब मेरा लंड उसकी गरम चूत में गया। वो भी आह आह करते हुए धीरे-धीरे लंड से अपनी चूत चुदवाने लगी।
इधर लतिका मेरे बाल पकड़ कर मेरे सिर को अपनी चूत में दबाने लगी। वो झड़ने वाली थी, और फिर आह आह करते हुए मेरे मुंह में ही झड़ गई। मैं उसकी नरम चूत का सारा पानी पी गया। उसका पानी मुझे अमृत जैसा स्वाद लगा। फिर वो मेरे मुंह से हट गई, और साइड में आके लेट गाई।
अब मेरे सामने मेरी बहन शिक्षा थी, जो मेरे लंड पर उछल रही थी। मैंने अपने हाथ उसके कोमल चूतड़ों पर रखे, और उसको तेजी से लंड पर उछालने लगा। वो आह आह करके अपने चूचे दबा रही थी, और चुदाई का मजा ले रही थी। उसकी चुदाई देख कर लतिका दोबारा से गरम हो गई, और मेरे होंठ चूसने लगे।
तभी शिक्षा की आहें जोर की हो गई, और वो उछलते-उछलते मेरे ऊपर ही लेट गई। मैं समझ गया कि वो झड़ चुकी थी। फिर मैंने उसको अपने ऊपर से हटाया, और खुद भी उठ कर बिस्तर के नीचे खड़ा हो गया। फिर मैंने लतिका को उठाया और उसको घोड़ी बनने को कहा। वो बेड के किनारे आके घोड़ी बन गई। वाह! क्या मस्त गांड थी साली थी।
पहले मैंने उसकी गांड को अच्छे से चाटा। फिर उसकी गांड पर थप्पड़ मारे। इससे उसकी आहें निकालने लगी। फिर मैंने उसकी चूत पर लंड सेट किया, और एक ही बार में पूरा पेल दिया। उसकी जोर की चीख निकली जो उसने अपने हाथ से दबा दी, ताकि बाहर किसी को सुनाई ना दे।
फिर मैं जोर-जोर से उसकी चूत चोदने लगा। वो आह आह कर रही थी, और हर झटके पर गिरने लगती। मैंने उसको गांड कस के पकड़ ली, और पागलों की तरह चोदने लगा। उसकी हालत खराब होने लगी, लेकिन मैं नहीं रुका। फिर 10 मिनट की चुदाई के बाद मैंने अपना लंड उसकी चूत से निकाला, और उसकी पीठ पर पिचकारी निकाल दी।
अब हम तीनों थक कर लेट गए, और पता नहीं कब सो गए। सुबह जब मेरी नींद टूटी, तो मैं जल्दी से कपड़े पहन कर अपने कमरे में चला गया। उस दिन के बाद से हम अक्सर चुदाई करने लगे। जब लतिका नहीं होती, तब मैं और शिक्षा मजे से चुदाई करते है।
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